किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे होता हैं ??/ kaise hota hai kinnaro ka antim sanskar

किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे होता हैं ??

समाज में इस समुदाय को थर्ड जेंडर, ट्रांस जेंडर जैसे नामों से जाना जाता है. बात करें इनके रीति-रिवाज और संस्कारों के बारे में तो शायद ये बात बहुत कम लोग ही जानेते होंगे कि जब किन्नरों की मौत होती है तो किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है ? किन्नर समुदाय को लेकर वैसे तो कई ऐसी बाते हैं जो इतनी रोचक है, जिसे हर कोई जानना भी चाहेगा। किन्नरों की दुनिया जितनी अलग है, इनके रीति-रिवाज़ और संस्कार भी उतने ही अलग है।

 इसे भी पढ़े :- जानिए कहाँ हैं विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर ??

 शादी होती हैं सिर्फ एक दिन के लिए

किन्नरों के संबंध में जानकारी मिली है कि कुछ किन्नर जन्मजात होते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो पहले पुरुष थे लेकिन बाद में वो किन्नर बने हैं. किन्नर अपने आराध्य देव अरावन से साल में एक बार शादी करते हैं. हालांकि यह शादी सिर्फ एक दिन के लिए होती है. अगले दिन अरावन देवता की मौत के साथ के साथ ही उनका वैवाहिक जीवन खत्म हो जाता है।

चलिए जानते है किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे होता है ??

मौत का मातम नहीं मनाते

किसी भी किन्नर की मौत के बाद ये लोग मातम नहीं मनाते हैं. इनकी मान्यता है कि मरने के बाद उस किन्नर को इस नर्क रूपी जीवन से छुटकारा मिल जाता है, इसलिए मरने के बाद ये लोग खुशी मनाते हैं। इतना ही नहीं ये लोग खुद के पैसों से दान कार्य भी करवाते हैं,ताकि फिर से उन्हे इस रुप में पैदा न होना पड़े।

शव को पीटते है जुतेचप्पलों से

किन्नरों की शव यात्रा दिन के वक्त नहीं बल्कि रात के वक्त निकाली जाती है. शव यात्रा को उठाने से पहले शव को जूते-चप्पलों से पीटा जाता है. समुदाय में किसी भी किन्नर की मौत के बाद पूरा समुदाय एक हफ्ते तक भूखा रहता है. हालांकि किन्नर समुदाय भी इस तरह की रस्मों से इंकार नहीं करता है।

 इसे भी पढ़े :-   एकलव्य को किसने और क्यों मारा ?

गुप्त तरीके से अंतिम संस्कार होता है

किन्नर की मौत के बाद किन्नरों का अंतिम संस्कार बहुत ही गुप्त तरीके से किया जाता है. जब भी किसी किन्नर की मौत होती है तो उसे समुदाय के बाहर किसी गैर किन्नर को नहीं दिखाया जाता है , इसके पीछे किन्नरों की ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से मरनेवाला अगले जन्म में भी किन्नर ही पैदा होगा। किन्नरों के समुदाय में शव को अग्नि नहीं देते बल्कि उसे दफनाते हैं।

 इसे भी पढ़े :-  ऐसी कहानी जो आप की ज़िन्दगी बदल देगी ?

भारत देश में हर साल किन्नरों की संख्या में तकरीब 40 से 50 हज़ार की संख्या में बढ़ोतरी  होती है। देशभर में 90 फिसदी ऐसे किन्नर होते हैं, जो जन्मजात किन्नर नहीं होते बल्कि उन्हे किन्नर बनाया जाता है. इसके अलावा वक्त के साथ इनकी बिरादरी में वो लोग भी शामिल होते चले गए, जो जनाना भाव रखते हैं. देश में मौजूद पचास लाख से भी ज्यादा किन्नरों को तीसरे दर्जे में शामिल कर लिया गया है।

दोस्तों अगर आप को यह पोस्ट पसन्द आई हो तो कमेंट्स और शेयर करना न भूले।

loading...

Recommended For You.

स्मार्टफोन चार्जिंग प्रॉब्लम से कैसे बचे / https://hindiuse.in/825-2/
स्मार्टफोन चार्जिंग प्रॉब्लम से कैसे बचे हम सभी के लिए स्मार्ट फोन काफी महत्वपुर्ण हैं। भले लोगो के हाँथ में घड़ी
2 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *